पैसे न होने पे पढाई छोड़े, तो औरत

भाई के लिए जायदाद छोड़े, तो औरत

पति के लिए मायका छोड़े, तो औरत

बच्चों के लिए नौकरी छोड़े, तो औरत

फिर भी बदनाम हैं नाकामयाब हैं औरत,

आखिर खुद के लिए कब जीये औरत ?



-पलक अग्रवाल