जा तू झूठ बोलता है ए आईना,उम्र हो गई पर खुद को देखने का अंदाज थोड़े ही बदला है।बाल हो गए शायद सफेद,पर आज भी उसमे चांद निकला है।
जा तू झूठ बोलता है ए आईना,उम्र हो गई पर खुद को देखने का अंदाज थोड़े ही बदला है।
बाल हो गए शायद सफेद,पर आज भी उसमे चांद निकला है।