विरह की आग में व्याकुल मैं दीवाना बन गया,तुम रहे हरे भरे मैं जमींदोज बेगाना बन गया।मिल जाते जो तुम तो होता क्या बस यह बताना रह गया।तुम रहे हरे भरे मैं जमींदोज बेगाना बन गया।
विरह की आग में व्याकुल मैं दीवाना बन गया,तुम रहे हरे भरे मैं जमींदोज बेगाना बन गया।
मिल जाते जो तुम तो होता क्या बस यह बताना रह गया।तुम रहे हरे भरे मैं जमींदोज बेगाना बन गया।