इंसान ने बहन को दिया अधिकार घर की इज्जत बचाने के लिए

फिर खुदा ने मां को बनाया ममता लुटाने के लिए

शायद भार लगती होगी बेटी उसे

एक घर से विदा किया एक घर बसाने के लिए

फकत मतलब परस्त कहूंगा रिश्ता बनाने वाले को

जिसने बस स्त्री को चुना कुर्बानी के लिए

सिंदूर बिंदिया मंगलसूत्र सब तेरे नाम का था उस पर

कोई गहना अपने पास भी रखता शरीर पर सजाने के लिए

तेरे किस्से में आया है तो संभाल कर रखना कुमार

वरना ऐसे किरदार कहां मिलते हैं कहानी के लिए