अपने होने का अहसास दिलाओ मां

मुझे करके इशारा अपने पास बुलाओ मां

निंदिया तेरी देखते मेरी निंदिया रूठ गई

कब से आंसू बहा रहा हूं अब तो तुम उठ जाओ मां

पापा की हरकत तो देखो अभी कांधे पर रखा है

तुमको लग जाएगी यह पापा को समझाओ मां

गर-घर मामा के जाती हो तो एक मनसा मेरी भी है

मैं भी साथ चलूंगा तेरे मुझको भी ले जाओ मां

चंदा मामा आ गए अब तो लोरियां मुझे सुनाएंगे

 तुम भी तारा बन के मेरे आंगन में आ जाओ मां

पहले से अब सुधर गया हूं जिम्मेदारी समझ गया हूं

यही तो चाहती थी ना तुम अब थोड़ा मुस्कुराओ मां

आशक धारा सूख चुकी है रात भी आधी भी चुकी है

मुझको भी निंदिया आती है तुम भी अब सो जाओ मां