बेटी's image

अगर मुमकिन हो सके तो एक एहसान मुझ पर भी कर दो ना

मेरे जख्म को नमक से भर दो ना

बड़ी होगी तो कोई दरिंदा नोच लेगा इसको

मेरी नौजवान बेटी को फिर से बच्ची कर दो ना

अगर मुमकिन हो सके तो ऐसा कर दो ना

एक बाप चीखता है इंसाफ के लिए

एक मां चीखती है लाश के लिए

लगाकर दरिंदों को फांसी इंसाफ कर दो ना

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