कभी रावण ले गया था सीता को अपने छल से, और छुड़ा लाने पर राम ने त्याग दिया था सीता को न्याय से, मर्यादा से......... तब सृष्टि में एक ही रावण था अब हर तरफ रावण दिखाई देते हैं तब रावण से बचा लाने को एक राम थे, एक हनुमान थे, एक लक्षमण, और वानरों की प्रशिक्षित सेना भी थी........ पर आज रावणों से भरी इस दुनिया में न राम मिलते हैं, न हनुमान, न लक्षमण, और न ही मिल पाता है कोई वीर वानर सैनिक..... आज सीता को त्याग देने को हर तरफ राम तैयार मिलते हैं उन्हें जंगल में छोड़ आने को कई लक्ष्मण घोड़े पर सवार बैठे हैं बेबश दिखती है आज हर सीता साथ ही बेबश दिखता है स्वर्ग में बैठा रावण. बेबश है हर वो चरित्र जो तब रामायण में राम के साथ था और वो भी....... जो राम के विरुद्ध था.