कुछ इस तरह से 

किया था उन्होंने इसरार 

के पी गये हम 

जाम  ज़हर मुस्कुराते हुए 

ख़बर थी हमें के 

वो हैं हमारे क़ातिल 

जानते हुए भी बने 

रहे हम ग़ाफ़िल 

दर्द  दिल हमारा

ख़ुशी है उनकी अगर 

सह लेंगे हम हर ज़ख़्म 

शर्त है बस एक मगर

तीर जो लगेंगे दिल पर हमारे

चलाने होंगे उनको सारे 

गर हमारा ग़म देता है उनको सुकून 

हर ग़म में ढूँढ लेंगे हम सुरूर 

हम आये हैं इस जहाँ में मिटने के लिये 

ओर आये हैं वो हमें मिटा ने के लिये 

उनके हाथों हो कर फ़ना 

पा लेंगे हम दोनों जहां 

कुछ इस तरह से 

किया था उन्होंने इसरार 

के पी गये हम 

जाम  ज़हर मुस्कुराते हुए