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अहद-ए-पीरी में


मिलने लगा है वोह चैन -ओ-अमन ता'बीरात -ए-फकीरी मेंहासिल न हुआ था कभी जो सुकून-ए-क़ल्ब आलमगीरी मेंवहीं के होने लगे हैं बशर हम अब तो सफ़र के आख़िरी मेंतरजीह तवज्जो होती है हासिल जहां इस अहद-ए-पीरी में

डॉ.एन.आर.कस्वां "बशर"Surrey: 10/08/2023

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