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माँ


देख रहा था सपना, तूफान एक आया था । विकराल काल को देख, मेरा मन घबराया था । पास में जा के छिप बैठा, जहां एक झाड़ी थी। आंखें खुली तो देखा, मेरे ऊपर माँ की साड़ी थी ।

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