सुनो चंदा, चाँदनी रात की खूबसूरती क्या कहूँ,
तुम्हारी चाँदनी में सजी हुई रात पर क्या लिखूँ
चाँदनी की चादर में लिपटी ज़मीं हसीन लगे,
तुम्हारी रोशनी में हर बूँद मोती सी सजी लगे
आसमान में चमकते तारे जैसे सपनों की बारात,
तुम्हारे नूर से खिली उठी कैसे देखो ये हसीं रात
सुनो चंदा, तुम लगते हो अँधेरों की अमृत ज्योति,
रात की इस तन्हाई में तुम हो सबसे सुन्दर मोती
हर तारे की चमक में तुम हो हर धड़कन की उमंग
तुम्हारी रौशनी से बंँधा है इस दिल का हर एक रंग
तुम हो उम्मीद की किरण आसमान की गहराइयों में,
तुम प्रेरक बन सुझाते रहे राह कड़ी कठिनाइयों में
हर दुखी को बहलाकर अपनी रौशनी में समेट लिया,
सपने दिखा मंज़िल के ज़िंदगी को तुमने सँवार दिया
मंज़िलें पा सकते हैं वो जो चलते हैं तुम्हारी राहों पर
कर यकीं मेहनत पर भरोसा रखें अपने ख़्वाबों पर
NOOR EY ISHAL
प्रेरक संदेश
चाँदनी रात की तरह, जीवन में भी उजालों को ढूंढें और हर मुश्किल को हंसते हुए पार करें। चाँदनी की तरह हमेशा चमकते रहिए और अपने जीवन को सुंदर बनाते रहिए।

