सोच लम्हे भर को कैसे क्या करना होगा
अपने लिए अकेले मुश्किलों से लड़ना होगा

है रौशनी कामयाबियों की तेरे लिए भी
है चाँदनी कामरानियों की तेरे लिए भी

सुनहरी धूप सा दमकता मुस्तक़बिल तेरा
चाँद सा रौशन नाम होगा मुस्तकिल तेरा
NOOR E ISHAL