माँ..
सहमा दिल बेखौफ किया तूने
टूटा जो दिल सम्भाल लिया तूने
क्या क्या याद करूँ ए मेरी माँ मैं
मेरे लिये जिंदगी को जिया तूने

मेरी हर बात पे तू खूब मुस्करायी
बहुत बार तुझसे मैंने की लड़ाई
मैं परेशान हूँ ये कह हर बार टाला
सब्र की कौनसी दुनिया से तू आयी

मेरे आंसू से पहले हुई तेरी आँख नम
मेरे दुःख ने दे दिये है तुझे बहुत ग़म
कर इबादत माँगती रही दुआ मेरे लिए
मेरी ही खुशियाँ चाहे तू बस हर दम

हमेशा हमेशा ही ख़ुश रहे तू
और कोई दुःख अब ना सहे तू
ख़ुदा से सिर्फ़ यही दुआ है मेरी
ख़ुशी से हजार साल जिये तू
NOOR EY ISHAL