कौन कहता है कि
ख़्वाबों में जान नहीं होती
बस एक बार इन्हें
हक़ीक़त मान के तो देखो
छू लोगे आसमान पलभर में
मंज़िल का नाम लेके तो देखो
किसने क्या कहा तुम्हें
सब रह जाता है पीछे
रास्ते मेहनत के थाम के तो देखो
खूबसूरत खूबसीरत बड़े सच्चे से हो
एक बार ख़ुद को जान के तो देखो
NOOR EY ISHAL