शहरों में काट रहे पेड़ ,

गाँव में ढूंढ रहे शुद्ध हवा |


फैला रहे प्रदूषण ,और

चल रहा ऑनलाइन एजेंडा |



वायु , जल सब हो निर्मल,

और मन भी ना हो प्रदूषित। ..

मिलकर करो सभी संज्ञान ,

अब और ना हो प्रकृति से अनाचार ||





NIVEDITA SONI.....