एक बार सफलता की सीढ़िया क्या चढ़ गए,
तुम तो बढ़े अवसरवादी बन गए।
क्या सच क्या झूठ, तुम तो इसके भी आदी हो गए ।
हर कदम तुम्हारे पीछे चलने वाले से ,तुम्हारा अलग ही नाता है ।
मेहनत करने वाला जाए भाड़ में, तुमको वो नही भाता है ।
हर डगर पर राही तो अपना मार्ग बना ही लेता है ।
आखिर सफलता पाने का अधिकार सभी का ही होता है ।।


