कुछ लोग आसमान को चढ़ते हुए मिले
हम उन से रास्ते में उतरते हुए मिले
इक ख़्वाब की तरह वो सँवरता हुआ मिला
हम उससे मिले और बिखरते हुए मिले
बहते हुए बहाव में बारिश में भींगते
एक आँख से कुछ लोग उतरते हुए मिले
ऐसा ना हो वहम हो वहशत हो गुमाँ हो
हम ख़ुद से इसलिए भी डरते हुए मिले
ये वक्त मुझसे मेरे ख़राबे में जब मिला
कुछ लोग इसके पाँव पकड़ते हुए मिले
