शहर में था नहीं हमनाम मेरा

सो मुझ तक आ गया पैग़ाम मेरा


नहीं चुकता हुआ है वाम(क़र्ज़) मेरा

हो गया अक्स तक नीलाम मेरा,


ये मेरा शौक है पेशा यही है

मुझे प्यारा है बेहद काम मेरा


मुझे दुनिया बताना चाहती थी

मुझे मालूम था अंजाम मेरा


बहुत कम जानते हैं लोग मुझको

मगर एक नाम है बदनाम मेरा


मैं हूं मिट्टी का मामूली खिलौना

बहुत ऊंचा नहीं है दाम मेरा


नहीं आई मेरे घर ख़ुश-नसीबी

हुआ हर पैंतरा नाकाम मेरा


उसने क्यों लिखी बेनाम चिट्ठी

उसे मालूम तो था नाम मेरा


मोहब्बत दोस्तों से मिल रही है

यही हासिल यही इनआम मेरा