जिंदगी जब भी मुस्कुराती है
थोड़ी आसान पेश आती है
सब से जाहिर है सच छुपाती है
दुनिया गलती नहीं बताती है
कोई स्कूल कब सिखाता है
जो सबक जिंदगी सिखाती है
वक्त का हाथ थामे चलता हूँ
तजरबा रास्ता बताती है
उतना कम लोग ही बताते हैं
जितना सच आईना बताती है
सारी दुनिया को भूल जाता हूं
जब भी मां गोद में सुलाती है
हादसे जब भी याद आते हैं
मेरी तो रूह कांप जाती है
रंज दुनिया के भूल जाता हूं
इश्क़ की याद जब भी आती है
