सालों से यहां खुद को ही लाने में लगे हैं

हम खुद को कई बार बनाने में लगे हैं


एक भीड़ है जो आग लगाने में लगी है

कुछ लोग हैं जो आग बुझाने में लगे हैं


एक ख्वाब मेरी आंख में पूरा नहीं होता

कुछ लोग नए ख्वाब दिखाने में लगे हैं


देखो किसी को फिर न सहारा मिले कोई

सब लोग यहां राह बताने में लगे हैं


तस्वीर नहीं हैं ये फकत और भी कुछ है

हम लोग भी दीवार सजाने में लगे हैं


इनको मेरे किरदार का हिस्सा न समझिए

ये दाग तो दामन को बचाने में लगे हैं


देखो अभी से नेकी कमाने में लगे हैं

बच्चे बड़ों का हाथ बँटाने में लगे हैं


फौलाद की दीवार हूँ चट्टान इरादे

बेकार ही ये लोग गिराने में लगे हैं


कहिए ये हुनर उनका नहीं है खुदा का है

इस दश्त में जो दश्त बनाने में लगे हैं


कहते हैं कि कानून बनाने में लगे हैं

सब लोग तो मुजरिम को बचाने में लगे हैं


फुर्सत किसे है औरों की सुनता नहीं कोई

सब लोग यहां अपनी सुनाने में लगे हैं