कौन करे's image
Share0 Bookmarks 48379 Reads0 Likes

बुझे चराग़ो को फिर रौशन कौन करे

जानबूझकर दुख के दर्शन कौन करे


सब कहते हैं इश्क़ नहीं आसां बिल्कुल

तो मुश्किल को अपना जीवन कौन करे


इश्क़ में पहले जैसी लज्जत कहां रही

एक-दूजे को अपना तन-मन कौन करे


अब विरह के गीत नहीं गाता कोई

अपनी आंखों को अब सावन कौन करे


कोई राधा

Send Gift

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts