कली का फूल बनना तय हुआ है's image
Zyada Poetry ContestPoetry1 min read

कली का फूल बनना तय हुआ है

Nivedan KumarNivedan Kumar December 30, 2021
Share0 Bookmarks 70585 Reads1 Likes

कली का फूल बनना तय हुआ है

फिर माली को इसका भय हुआ है


श्रम का स्वाद जिसने भी चखा है

वही हर कार्य में विजय हुआ है


अहं को जिसने भी धारण किया है

निश्चित है कि उसका क्षय हुआ है


हर एक काली निशा के बाद ही तो

दिनकर का सदा उदय हुआ है


दुनिया का यही एक सच है केवल

किसी का भी नहीं ये समय हुआ है


Send Gift

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts