हमनें कितनी दुनिया देखी
हमनें देखे कितने मेले
जिंदगी के हर सफर में
हर डगर में रहे अकेले
हमने आंसू की बूँदों को
हर पल हँस हँस पीना सीखा
जीवन के हर मुश्किल क्षण में
अच्छी तरह से जीना सीखा
कभी कठिन झंझावातों में
डटकर हमनें पलना सीखा
नए तरह के तौर तरीकों
नयी सोच में ढलना सीखा
कभी कभी तो यूँ लगता था
जंग जीवन की हार गए हैं
कभी समर की उठापटक में
हारी बाज़ी मार गए हैं
बस यूँ ही तो गिरते गिरते
हमने खूब सम्भलना सीखा
कभी शांत यूं चाँद की भांति
कभी पुरानी तोड़ के थाती
हमने नया इतिहास लिखा
हमने युग बदलना सीखा


