मुश्किल को आसान बना दे

आंखों में उम्मीद जगा दे


रिश्ते कायम रखने हैं तो

कुछ रिश्तों को नाम नया दे


बारिश की कुछ बौछारों से

दिल में जलती आग बुझा दे


लौट के आ जाएगा बचपन

मेरे बिछड़े दोस्त मिला दे


यार मोहब्बत सुन ले मेरी

नफ़रत की दीवार गिरा दे


सहारा कर दे पानी पानी

तपती रेत की प्यास बुझा दे


मेरे कातिल को दुश्मन को

मुझ से लंबी उम्र खुदा दे


ख़ुदा सियासत की आँखों में

थोड़ी सी तो शर्म हया दे


शहर की सेहत को अच्छा है

उसमें थोड़ा गांव मिला दे


आने वाले आ जाएंगे

जो ना आएं उन्हें सदा दे