क्यों खेल रहे हो मासूमों की जानों से,वो अनजान हैं इस सियासत के पैमानों से,क्यों नफरत के बीज इन दिलों में बोये जा रहे हो,क्यों मजहब को बदनाम किये जा रहे हो ।।।।।।।
क्यों खेल रहे हो मासूमों की जानों से,वो अनजान हैं इस सियासत के पैमानों से,
क्यों नफरत के बीज इन दिलों में बोये जा रहे हो,क्यों मजहब को बदनाम किये जा रहे हो ।।।।।।।