मेरी रग रग से वाक़िफ है, हर हरकत पहचानता है,वो जो दूर अज़नबी है, मुझे अच्छे से जानता है।हां, तुम जो पूछोगे, साफ़ मुकर जायेगा,अजी बड़ा ही ढीट है, हल्के में कहां मानता है !
मेरी रग रग से वाक़िफ है, हर हरकत पहचानता है,वो जो दूर अज़नबी है, मुझे अच्छे से जानता है।
हां, तुम जो पूछोगे, साफ़ मुकर जायेगा,अजी बड़ा ही ढीट है, हल्के में कहां मानता है !