सच कहूं !
मैंने, एक बीज छिपा रखा है हृदय में,
प्रेम का...
कल, इसी से अंकुरित होंगी,
अनेक शाखायें, फलदार....
यदि तुम,
विश्वास से सींचों इसको !!
- नितिन कुमार हरित / @NitinKrHarit


सच कहूं !
मैंने, एक बीज छिपा रखा है हृदय में,
प्रेम का...
कल, इसी से अंकुरित होंगी,
अनेक शाखायें, फलदार....
यदि तुम,
विश्वास से सींचों इसको !!
- नितिन कुमार हरित / @NitinKrHarit