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मौन


"मौन"

मौन के भी होते हैं कई रूप...कभी-कभी मौन उभरता है, एक उत्तर की तरह,और कभी...खड़ा हो जाता है,एक प्रश्न की अभेद दीवार बन कर !या यूं कहूं..कि मौन, केवल मौन नहीं रहता,बल्कि बोलता है बहुत कुछ !!

— नितिन कुमार हरित
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