।। जय श्री राम ।।


उज्ज्वल नगर, हर डगर-डगर, तम भागे डरकर इधर उधर,

कांपे थर-थर अब डर डरकर, जागा दिनकर कर फैलाकर ।

सुंदर अति गुलमोहर खिलकर, ये सर सुंदर, हर लें मन हर,

अब घर-घर गूंजे प्रियकर स्वर, श्री राम नाम, शोभित सुंदर ।।


~ नितिन कुमार हरित / @NitinKrHarit