हरित वाणी : २८ दिसंबर २०२०
खुद को तो भूले नहीं, चले प्रेम के द्वार।
तू रहे, नहीं मैं रहूं, यही प्रेम साकार।।
~ नितिन कुमार हरित


हरित वाणी : २८ दिसंबर २०२०
खुद को तो भूले नहीं, चले प्रेम के द्वार।
तू रहे, नहीं मैं रहूं, यही प्रेम साकार।।
~ नितिन कुमार हरित