हरित वाणी : ०३ जुलाई २०२१


धर्म लिखें या कर्म लिखे, लिखें तत्व या ज्ञान ?

'हरित' एक तू प्रेम लिख, प्रेम लिखे सब, जान।।


- नितिन कुमार हरित