बाहर जाना था,पर, हंसी ही नहीं मिल रही।कल रात, होंठों से उतारकर,यहीं टांग दी थी... कपड़ों के साथ !!
बाहर जाना था,पर, हंसी ही नहीं मिल रही।
कल रात, होंठों से उतारकर,यहीं टांग दी थी... कपड़ों के साथ !!