आपका दुख केवल आपका है, 

ये बड़ा व्यक्तिगत है। हां ये किसी 

अन्य के लिए सुख का कारण हो 

सकता है, मगर दुख का नहीं। 


और यदि कोई वास्तव में 

आपके दुख से दुखी है, तो यकीन

मानिए, इस से बड़ा सुख आपके 

जीवन में कोई और नहीं।


- नितिन कुमार हरित