मौत की परछाई's image
Poetry1 min read

मौत की परछाई

Nitin KhannaNitin Khanna October 7, 2021
Share0 Bookmarks 234719 Reads1 Likes

मौत की परछाई


श्वेत वर्ण का रूप लिए रूह के पीछे छुपे,

संग रहे हमेशा, बस काले वर्ण के पीछे छुपे


हक़ से मांगे वो अपना हक़, मूक शब्द से,

जीवंत परछाई को उम्र भर सहेजे मौत से


जीवित द

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts