धरती को तो नाप लिया, हवाओं में उड़ना है बाकी l

कुछ काम तो हो गया, बहुत कुछ करना है बाकी l

जुनूनो, जज्बातों से तुम आगे बढ़ती नारी हो,

आगे बढ़ो आगे चलो तुम तो सबपे भारी हो l


आए जो राहों में बाधाएं तो उनपर अविराम प्रहार करो,

स्वाभिमान, सम्मान से तुम देश का ऊँचा नाम करो l


खींचकर लकीर अपने तकदीर की,

धरती से गगन तक पगडण्डी तैयार करो l

अपराधियों पर धाराओं की धार से तुम वार करो,

इंसान रूपों में छुपे राक्षसों का संहार करो,

गोलियों से भूनकर उनका रक्तपान करो l

माँ काली जैसा काम करो.....

संस्कृति और संस्कारों की तलवार से अधर्मियों पर वार करो,

माँ दुर्गा जैसा काम करो...


~नितेश कुमार गुप्ता