है इजाज़त तेरी यादों को वक्त बेवक्त आने की हम घड़ी के काटों पर तुमको तौला नहीं करते ओहदे के एक तुम ही इकलौते तलबगार नहीं पर हम मुहब्बत का तरक्की से सौदा नहीं करते शायद होगी तुम्हे नया आजमाने की आदत हम पुराने खिलौनों से भी तौबा नहीं करते बड़े मजबूर हैं हम तुम्हारी शख्सियत के आगे वरना खुद को हर दफा तुम्हें सौपा नहीं करते