क्या है ये जिन्दगी?

आसमा छूने को लपकती लहरों का नाकाम होना है ज़िन्दगी या तपती सड़कों पर सायों का मुकाम तलाशना है ज़िन्दगी ख्वाहिशों के बोझ तले घुटन भरी सांसों का क्या शोर है जिन्दगी, कोई पहाड़ों पर बसता है कोई जंगलों में भटकता है पर प्रश्न अभी भी गहरा है कि किस ओर है जिन्दगी । मुझे याद है सब  ने कहा था बेहद हसीन है जिन्दगी मैंने भी चख के देखा है अपने हर पहर को आंसुओं के जितना ही नमकीन है जिन्दगी