तलाश में है उस पल की जिसमें सब कुछ हासिल कर चुके होंगे और खुली आंखों से इतिहास को बयां करेंगे जिसमें हार जीत खुशी गम उतार-चढ़ाव बिखरना संभलना सब कुछ होगा और यह आंखें भी नम होंगी और इन होठों पर भी मंद मुस्कान होगी|
मलिक निशांत


तलाश में है उस पल की जिसमें सब कुछ हासिल कर चुके होंगे और खुली आंखों से इतिहास को बयां करेंगे जिसमें हार जीत खुशी गम उतार-चढ़ाव बिखरना संभलना सब कुछ होगा और यह आंखें भी नम होंगी और इन होठों पर भी मंद मुस्कान होगी|
मलिक निशांत