लक्ष्मण सा मूर्छित पड़ा है ये संसार
अब तो ले आओ संजीवनी प्रभु करो उद्धार
अपने गुनाहों कि हमने मांग ली है माफी
चुन चुन कर वृक्ष काटे हैं हाँ हैं हम पापी
अपने बालक समझ कर अब तो कर दीजिए क्षमा
Siya raghuwanshi


लक्ष्मण सा मूर्छित पड़ा है ये संसार
अब तो ले आओ संजीवनी प्रभु करो उद्धार
अपने गुनाहों कि हमने मांग ली है माफी
चुन चुन कर वृक्ष काटे हैं हाँ हैं हम पापी
अपने बालक समझ कर अब तो कर दीजिए क्षमा
Siya raghuwanshi