मैं भी यही हूँ, तू भी यही है फिर भी दोनों कहीं पर नहीं है,
जब था प्यार तो नहीं थे साथ साथ, बस था तो इंतजार
मिलने ना दिया तब तो इन दुनिया बलों ने हमे, जला दिए दो दिल शरीरों के साथ, आज मिले हैं फिर एक बार बस फर्क़ है तब जहान में थे अब आसमान में हैं, जहां ना दुनिया हैं, ना जुदाई का ऐहसास, बस है तो सिर्फ प्यार ही प्यार
आके मिल जा अब तू मेरी आत्मा में कुछ इस तरह, कि जाये जब जहां में, तो ना जुदा कर सके हमे ये संसार, खुद आके मिलाये हमे वो परवरदिगार........
Siya raghuwanshi


