लिखने वाले ने भी क्या खूब लिखा है, हमारे दिल पर तुम्हारा नाम और तुम्हारे नाम को किसी और हथेली पर लिखा है, हम तो बफा करते ही रह गये तुमसे, और तुम किसी और कि समा बन गये, हम अपनी दुआओं में तुम्हें मांगते रहे और तुम किसी और कि तमन्ना बन गये....
सिया रघुवंशी


