जात पात पूछे ना इश्क
पूछे राजी दिलो मै
महफ़िलो मै हाथ थामे है
रांझो ने बांध कर प्रीत की डोरी
रंग रूप से इस को क्या लेना ये चाहे
दिलो की मंजूरी