रंग बिरंगी इस दुनिया में,

मन तो सबका काला है।


रात कि इस चकाचौंध में,

पड़ा मन का अंधकार से पाला है।


है मुखौटा चेहरे चेहरे पे,

यहाँ गंगा जमुना नहीं, मन में गंदगी का नाला है।



कहते हैं हर बाला देवी की प्रतिमा बच्चा बच्चा राम है,

गये वो ज़माने, यहाँ तो दिखावा सरेआम है।

यहाँ तो दिखावा सरेआम है।।