जिसके कहने पर तू दुनियां जलाने निकला,उससे पूछ की ये आग बुझेगी कैसे?घर के सब लोग जब जल के मर जायेंगे,तू बता तेरी चिता फिर जलेगी कैसे?दब के इन्सान के कत्लों के गुनाह के नीचे,तू बता मोमिन तुझे जन्नत मिलेगी कैसे?लगी है अब से नहीं जमाने से ,मिल के सोचो यारों या आग बुझेगी कैसे ?