हम बड़े हो गए!!


पहली कक्षा में रोता हुआ वो बच्चा आज बड़ा हो गया।

जिसकी सुबह पापा की झप्पी और रात मां की लोरी से हुआ करती थी

वो आज बड़ा हो गया।


खिलौनों की दुनिया में रहता था वो

टारज़न से जिसकी दोस्ती थी

ब्रहमान जिसके कमरे में था

वो बड़ा हो गया।


तितलियों के रंगों से अचरज में पड़ता

A+ लिए सातवे आसमान को चूमता

अपनी कल्पनाओं से दीवारें रंगता, घर वालो को उलझाता

वो बच्चा बड़ा हो गया!



बॉर्न विता वाला दूध पीकर जो शक्तिमान बन जाय करता था

जो भाई के साथ रेस लगाकर हार जाता था 

क्रिकेट में जिसको बीच का बंदर कहा जाता था

वो बड़ा हो गया।


दादी दादा के साथ पारियों की कहानी में सैर करता

तूफ़ान की तरह पूरे घर में घूमता 

साइकिल से वो गलियां नापता था

वो बच्चा आज बड़ा हो गया।


जिसकी सब सुनते थे

पड़ोसी भी जिसे छोटे कह के बुलाते थे

मिलने जिसे हर रोज़ गली के भैया दीदी आते थे

आज वो बच्चा बड़ा हो गया!



घर का सबसे छोटा सबका लाडला 

गिलहरी की मुस्कान वाला

चंचल सी आखों वाला

झटपट बोलता 

हवाओं को चीरता चल रहा हो जैसे 

गुंघराले बालों वाला

वो नटखट , नादान , हस्मूक बच्चा

आज बड़ा हो गया।



पापा के जूते पहनने से उन ज़िमेदरियो को पहनते 

वो बड़ा हो गया 

मां के आंचल से दुनिया की कोख में 

वो बड़ा हो गया

दादा दादी की कहानी सुनते 

अपनी कहानी लिखने

वो बड़ा हो गया।

तूफ़ान सा वो लड़का अब नदी सा ठहराव बन गया।

एक छत के नीचे ब्रहमान लिए वो उसी ब्रहमान में कहीं खो गया।

कल्पनाओं से अब वो सच्चाई का हो गया ।


 सबको अपनी सुनाता अब वो ज़िन्दगी की सुन रहा है ।


वो बच्चा अब

बड़ा हो गया!!



Niriksha kansara