किसी ने शिक्षक से पूछा
क्या करते हो आप ?
शिक्षक का सुन्दर जवाब देखिए
सुन्दर सुर सजाने को साज बनाता हूँ ।
नौसिखिये परिंदों को बाज बनाता हूँ ।।
चुपचाप सुनता हूँ शिकायतें सबकी ।
तब दुनिया बदलने की आवाज बनाता हूँ ।।
समंदर तो परखता है हौंसले कश्तियों के ।
और मैं
डूबती कश्तियों को जहाज बनाता हूँ ।।
बनाए चाहे चांद पे कोई बुर्ज ए खलीफा ।
अरे मैं तो कच्ची ईंटों से ही ताज बनाता हूँ ।
हाथों की लकीरों से आगे मेहनत को अंगुलियां भी तो है ंं
मैं हुनरमंद फकीरों को महाराज बनाता हूं
हो कि आने वाला हर पल तेरा तेरी मुट्ठी में
इसलिए स्वयं के अनुभवों को जोड़कर तेरा आज बनाता हूं
सुन्दर सुर सजाने को साज बनाता हूँ ।
नौसिखिये परिंदों को बाज बनाता हूँ ।।
