कभी सोचा ना था कभी सोचा ना था 

एक ऐसा भी दिन आएगा

 हम घर में कैद होंगे

शहर सुनसान होगा

दहशत में हर दिल हर मकान होगा...

कभी सोचा ना था कभी सोचा ना था 


पर है उम्मीद सब सही होगा 

सोचता भगवान कुछ कहीं होगा

अपने अवतार भेजे हैं धरा पर

है उम्मीद किसी का बुरा अब नहीं होगा।।।


पुलिस फौजी चिकित्सक

सफाई कर्मचारी और शिक्षक

बाकी है उम्मीद जब तक है ये मानवता के रक्षक...


ईश्वर के प्रकोप ने ऐसा कभी नोचा ना था

कभी सोचा ना था कभी सोचा ना था