कुछ सुना तुमने?
वो तुमसे कुछ मांग रही थी क्या?
वो तो जंगलों में रहती थी, तालाब का पानी पीती थी
वो अपनी सीमाएं लांघ रही थी क्या?
वो तुमसे कुछ मांग रही थी क्या?
जंगल घर हैं उनके, तुमने काटकर जिनको अपना मकान बनाया,
फिर उन्हीं के घर में अपना सामान लगाया
आज कुछ खाने को ढूंढती वो आ गई मानवों के शहर में
पर पता ना था विधाता को भी कि फंसेगी दानवों के कहर में
वो तेरा कुछ चुरा कर भाग रही थी क्या??
वो तुमसे कुछ मांग रही थी क्या?
कैसा कलेजा है तुम्हारा, खुद को खरोंच भी आजाए तो ये मुंह को आ जाता है
और एक बेजुबान को मारकर सुकुं तुम्हारी रूह को आ जाता है??
वो गर्भवती हथिनी तुमसे कुछ मांग रही थी क्या?।
वो अपनी सीमाएं लांघ रही थी क्या?

