राम चले वन गमन 
धर सीस 
 आज्ञा पिता की 

    छोड़ राजपाट नंगे पैर 
  छोड़ ममत्व ममता 
 राम बने रघुराई 

   सुकुमारी जनक दुलारी 
कौशल्या प्यारी 
राम स्नेही 
    चली.साथ सीता माँ 
  पति धर्म.निबाहने 


   दीन्ह साथ लक्ष्मण भैय्या 
    बड़े भाई के मान प्यार 
   तज पत्नी और माँ 
   बने यति वियोगी 
लछमन 

   रघुकुल बंधा रीत से  
 सदा राखी मान 
 मर्यादा की 
    राम कहलाये पुरुषोत्तान 
    बधाई रघुकुल को 
   हरि पीर जन की 

कवि फोरम 
रचना 
        निरंजन गौतम.दत्त