अरे जाड़ा रे जाड़ा 

 ओ तू कब भागा 

  ना भागा तो ना भागा 

 हम भागा ओ रे 

हम भागा 


 सकल जगत की

  झाईं माई में  

तेरे तो है

  पौ बारह  

  नून तेल लकड़ी 

 भूल गए हम 

  याद रहा बस 

  आग से तपना  


  दुबले मोटे हो गये 

मोटो को

   परेशानी आ गयी  

 पशु पौधे  

 डर कर 

  नि: मौन हो गये 

  खाने के टोटे 

 हो गए 

 कहीं कहीं तो

  मज़े आ गए  

 

अल्हड़

    कुल्हड लिए हाथों में 

   दुबक लिहाफ मेँ 

    पाये गरम माँ का प्यार 

     टुकुर टुकुर देखे पापा को 

  बस कह दे 

    जाना मत आज स्कूल 


  जाड़ा रे जाड़ा 

  कब तू रे भागा 

  हम ही